किशोर कल्पनाकान्त 1930-2001 bikaner लूंठा कवि-गीतकार। ‘कूख पड़यै री पीड़’ कविता संग्रै सारू साहित्य अकादेमी पुरस्कार।
कविता24 ओ काळधिराणी कंकाळी कूख-पड़्र्यै री पीड़ कुण के है बौ? बिना सबद रो प्रेमगीत मैं बागी तो कोनी होयग्यो के
रतनलाल दाधीच शान्ति शर्मा प्रवीण सुथार नीतू शर्मा कृष्णगोपाल शर्मा श्याम महर्षि अनुराग सुभाष पाटोदिया