सिद्ध-भक्त कवि। जाम्भोजी रा प्रमुख शिष्य।
आव गुरु गोरक्ख
दिसै जंगळां डगळ
ब्रह्म वेद उच्चरै
भरम तणां भूंगड़ा
भंवर भ्रमैं ऊजळो
नारायण