पंदरहवै सईकै रा नामचीन कवि। जैसलमेर रावळ दुर्जनसाल रा समकालीन अर सहयोगी।
अंतेवरै कहावियो
आद अनादि उपाविया
अंतेवर पूछाड़ियो
आवटियो एकोहटा
कोट तणै छळ वंस छळ