आईदान सिंह भाटी जलम: 1952 jodhpur चावा कवि। कवितावां में लोकधर्मिता सारु राजस्थानी कविता जातरा में न्यारी ठौड़।
कविता23 धोरै री ढाळ माथै भासा सबदां री हद रै मांय ओ म्हारी घिरत-विरत री छांव कदैई तौ पूछूं इक म्यानो उभो जुग-जुग सूं
जेठानंद पंवार श्यामसुंदर भारती उषाकंवर राठौड़ भूपतिराम साकरिया स्वामी खुसाल नाथ शक्तिदान कविया रेवंत दान बारहठ लालदास 'राकेश'