ग़ज़ल6 आदमी रो आज है, गवाळ आदमी कपट कळदार घणा करमां में रेख क्यूं म्हैं जाणू के म्हारौ राम हाकम खुद होवे है, चांदी रो चिळको
जेठानंद पंवार श्यामसुंदर भारती उषाकंवर राठौड़ भूपतिराम साकरिया स्वामी खुसाल नाथ शक्तिदान कविया रेवंत दान बारहठ सोहनलाल जोशी