देखो भाइड़ो कतो मीठो ओ जीवण तणो संगीत,
दसूं दिसावां में बाज रैयौ ज्यों अणहद गीत।
आ जिनगाणी अजब पहेली जीत कहूं कै हार,
सुख रै उजळै दुवार पर दुख रो पोरैदार।
मतना सोच कर जीवड़ा आ है काळी रात,
घड़ी स्यात में भोर होण सूं आवैलो नुंवो प्रभात।
मेरो मनड़ो मानै कोनी देखै सुख री आस,
सुख रो सपनो जोवतां छूटी जीवण आस।
सदा चालती आई है आ ई दुनिया री रीत,
अरै जीवड़ा कतो कोजो ओ जीवण तणो संगीत।