चांद आधो तूट’र
हमेस घुब जावै है झील री छाती में,
जरूरी तो नीं है, हर नाव रै वास्तै
अेक किनारै रो अस्तीत्व।
मत बोवो!
झूठा वायदां रा चिनार
कै अबै इण गूंगी झील में
कोई जुवार नीं है।
तूटबा सूं पैली–
थकीज्योड़ी लहरां इण भांत कह्यो कै–
सीळा सांसां री चिणगार्यां ईज
घणी नीं है–
अधजळ्यो सिळो जळाबा नै।
पण–
अनाथ मजबूर्यां रो
अेक ही कांटो घणो है–
जिंदगी-भर हंसबा रुळाबा नैं।