(1)

सौ गांवां री 

बाजरी खाई 

साठ गांवां रो लूण

नेताजी हाल घूमै 

ज्यूं कूअै रो भूण।

 

(2)

घर मांय आठ रा 

बा'रनै साठ रा 

नेता जी बणग्या बाप 

राम जाणै बां नै कद लागसी पाप।

 

(3)

पोतड़िया 

थाणै मांय सूकै। 

नेताजी 

मंचां माथै 

भासण देवै 

जाणै दूध सारू 

टाबरियो कूकै।

 

(4)

नेताजी देवै 

भासण साफ 

ढीली पड़गी 

भलांई राफ।

 

(5)

नेता जी रो 

कुण सगौ 

जकौ बणै 

बो खावै

सै सूं पै'ली 

तगड़ौ दगौ।

 

(6)

नेताजी 

चार भाई। 

स्टोरिया 

ब्लैकिया 

स्मगलर 

अर सिपाई।

 

(7)

नेताजी करावै 

सगळां सूं चाकरी 

दिल्ली जाय'र 

चिंता कोनी करै 

की री डाक री।

 

(8)

नेताजी खसै 

भासण नै 

जनता तरसै 

रासण नै।

 

(9)

नेताजी री 

जनता मांय 

नी गळै दाळ 

संसद मांय जाय'र 

काढ़ै भेंडी गाळ।

 

(10)

नेताजी

कीं नै ई 

नीं जाण देवै

बोटां सारू 

भैंस नै ई 

ब्याण देवै।

 

(11)

नेता जी 

कीं री पूरी 

मांग करै 

बै तो खुद आपरी 

भोत दोरी 

ऊंची टांग करै।

 

(12)

नेताजी मांय 

सिफतां मोकळी 

ताबै आयां 

बगतै नै ई 

दे ज्यावै ढोकळी।

 

(13)

नेताजी राखै 

एक चेलौ 

जकौ भरतौ रै'वै 

नोटां सू थेलौ।

 

(14)

नेताजी हारतां ई 

बण ज्यावै गंद 

पांच साल तांई 

करावै बजार बंद।

 

(15)

नेताजी रो 

ओ अैलान

नोटां री माळा 

म्हारै गळै 

दूर राखो भान।

 

(16)

नेताजी जद 

हांसै कूड़ी हांसी 

समझल्यौ 

चढसी कोई फांसी।

 

(17)

नेताजी नै 

चौखा लागै 

गांवा मांय सरपंच 

अर सै'र मांय मंच।

 

(18)

नेताजी नै 

भावै 

बोटर भोळो 

अर संसद मांय रोळौ।

 

(19)

नेताजी 

घणा भौळा

बोलै ई कोनी

भलांई 

कित्ता ई देवौ 

नोटां रा झौळा।

 

(20)

नेताजी आलाकमान सूं 

टिकट मांगै 

जे गाड़ी मांय 

टी.टी. टिकट मांगै 

तो बी नै बै 

चालती गाड़ी मांय 

फांसी टांगै।

 

(21)

नेताजी डरै 

खाली हारण सूं 

बाकी तो बै 

कद डरै 

सागी मां नै बी 

मारण सूं।

 

(22)

नेता जी रा 

दाळ-भात 

दळ बदळ 

अर 

पीठघात।

 

(23)

नेताजी 

कर सकै 

बलात्कार 

जे बां री 

हुवै सरकार।

 

(24)

नेताजी बोल्या 

परनै हू गावड़ी 

कीं म्हानै ई 

चरण दे डावड़ी।

 

(25)

नेता जी रै 

छप्पन रोग 

जीत्यां ई 

हुवै निरोग 

के जाणै बापड़ा 

भोळा लोग।

 

(26)

नेताजी

कद बणै मोडा 

वे बण ज्यावै

तो फोड़ 

न्हाखै 

देवतावां रा गोडा।

 

(27)

नेताजी बोल्या 

जनता री तकलीफां 

दूर करण रो 

म्हे ले लियौ ठेकौ 

अब तो म्हांनै बोटड़ा टेकौ।

 

(28)

नेताजी बोल्या 

जे म्हे नीं हुआं 

कुण थूकै 

कुण चाटै 

अर म्हारै बिनां 

अेक ई पुळ रै 

उ‌द्घाटन रो फीतौ 

बार-बार कुण काटै।

 

(29)

नेताजी रै

अेक ई कळेस 

पार्टी तो बदळ सकै 

पण कींया बदलै भेस।

 

(30)

नेताजी अर अड़वै मांय 

इत्तौ ई फरक 

अड़वौ कीं खावै कोनी

अर नेताजी खांवता 

सरमावै कोनी।

 

(31)

नेताजी रै 

सो की पच्चै 

अर 

बां रै खायां पछै 

कीं नीं बच्चै।

 

(32)

नेताजी 

देस नै खा सकै 

पण 

धोखौ नीं खा सकै।

 

(33)

नेताजी 

सो बार 

पार्टी बदळै 

पण बां रो मन 

अेक बार भी 

नीं बदळै।

 

(34)

नेताजी रै 

सासण मांय 

डीपू आळै 

रासण मांय

खोट ई खोट

सतगुरु तेरी ओट।

(35)

नेताजी 

अेक दम बेकार 

पण चढण नै 

चाईजै कार।

 

(36)

नेताजी रो 

दाव 

राज रो 

न्याव।

 

(37)

नेताजी रा 

कान काच्चा 

कद रै'वै 

याद वाच्चा।

 

(38)

नेताजी 

रोटी खोसै 

पण बोट मांगै 

डाकू नै पोखै 

धरमी नै रोसै।

 

(39)

नेताजी रै 

सात दूणी साठ 

अर जनता रै 

बीस चौका आठ।

(40)

नेताजी पाळै धरम 

पण

धरम माथै चालता

राखै सरम।

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : ओम पुरोहित ‘कागद’ ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशक पिलानी (राज.) ,
  • संस्करण : 23
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