लारलै बरस

आतम हत्या

कर लीनी

पेमो मेघवाल

क्यूं कै

उण रो खेत

हुयग्यो हो नीलाम।

लारलै बरस

अकाळ माथै अकाळ

पड़नै सूं

बिकग्यो है टापरो

रुघै मीणे रो।

लारलै बरस

गांव रा कैई बेरोजगार

मोट्यार अर करजायत

मजूरा भी

कर लीनी ही आतमहत्या।

लारलै बरस,

भी नीं कै

बै लड़्या नीं हुवै

जमानै रै साथै

पण अबखायां सूं

लड़ता-लड़ता बै

दे दीन्या प्राण।

लारलै बरस

इणा नै

नीं मिली सायता

अर कोई थ्यावस

राज सूं

समाज सूं...!

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : श्याम महर्षि ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशन पिलानी (राजस्थान) ,
  • संस्करण : अंक-27
जुड़्योड़ा विसै