(1)

अदीत,
सोम
मंगळ, बुध, बिस्पत
सुक्र अनै सनि,
नर ई नर स्सै,
जीवण-हीण, निस्प्राण।
म्हूं धरती,
भगवती,
नारी,
नारी बिना कठै संतान।

(2)

किरोध,
तो किरोध रो ठिकाणो हुवै है प्रभू!
किरोध तो आणो-जाणो हुवै है, प्रभू!
म्हूं उडीकूं हूँ
कै कद हुवो आप स्यान्त
अनै कद मिलूं
थां सूं भर बांथ,
इणी खातर
काटूं हूं थारा चक्कर
तातै दूध बिलाई री भांत!

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : सन्तोष मायामोहन ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशक पिलानी (राज.) ,
  • संस्करण : 26
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