जिण रूंखड़ै में बापरगी है पोल

अर ढीली पड़गी है जड़्यां

बींनै सिन्दूर अर तेल

सींचण सूं कीं लाभ कोनी

कीं लाभ कोनी

टाप-टीप’र पलस्तर कीनां सूं–

जिण भवन री नींव नै

चाटगी है लेलरी।

सरीर रो जिको भाग–

जिको अंग

सड़ग्यो है

उण रै ऊपर-ऊपर

दवा बुरकावा सूं–

कीं लाभ कोनी..

इण रो अेक इलाज–

बीं रोगलै हिस्सै नै काट’र

फैंकणो पड़सी

बात म्हारै देस रा

सपूतां रै कद हियै उतरसी?

स्रोत
  • पोथी : हिवड़ै रो उजास ,
  • सिरजक : मगर चन्द्र दवे ,
  • संपादक : श्रीलाल नथमल जोशी ,
  • प्रकाशक : शिक्षा विभाग राजस्थान के लिए उषा पब्लिशिंग हाउस, जोधपुर
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