देखो तो म्हारै देस में आवै समाजवाद

वै बाळ-बाळ झूंपड़्यां लावै समाजवाद

एम पी हवाई जहाज में समझावै सादगी

बापू री बात कर रह्या कम्प्यूटरां नै लाद

फैंकण री साजसां रचै रतनां में सोझ-सोझ

कचरा नै रूखाळण रै जतन बैठ रह्या है साद

करसां-मजूर रै भलै रो जाबतो करण

पहराय रह्या ठाकरां-सेठां रै सिरां ताज

सै पंछियां निरभै उडो खोलै नै पाखड़्यां

पै’रै बिठाय दीना है आभै रै मांय बाज

एकता री बात इण भांत सूं करै

दर रोज एकता हुवै तर-तर’र ला-इलाज

लायक है जिको राज रै वै जेल में सिड़ै

जो जेल रै काबिल है वै कर रह्या है राज

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : रामेश्वरदयाल श्रीमाली ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशन पिलानी (राजस्थान) ,
  • संस्करण : अंक-17
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