राम पर सबद

सगुण भक्ति काव्यधारा

में राम और कृष्ण दो प्रमुख अराध्य देव के रूप में प्रतिष्ठित हुए। राम की प्रतिष्ठा एक भावनायक और लोकनायक की है जिन्होंने संपूर्ण रूप से भारतीय जीवन को प्रभावित किया है। समकालीन सामाजिक-राजनीतिक घटनाक्रमों ने भी राम को कविता चिंतन का प्रसंग बनाया। इस चयन में राम के अवलंब से अभिव्यक्त बेहतरीन दोहों और कविताओं का संकलन किया गया है।

सबद19

सत जुग पैली सायबा

सिद्ध संत कूंपोजी

राम रस मीठा रे अब

हरिदास निरंजनी

राम रस ऐसा रे

हरिदास निरंजनी

राम भजन हिरदै नहीं हेत

हरिदास निरंजनी

तब हरि हम कूँ जांणैंगे

हरिदास निरंजनी

संतो..! राम रजा मैं रहिए

हरिदास निरंजनी