देश पर लेख
देश और देश-प्रेम कवियों
का प्रिय विषय रहा है। स्वंतत्रता-संग्राम से लेकर देश के स्वतंत्र होने के बाद भी आज तक देश और गणतंत्र को विषय बनाती हुई कविताएँ रचने का सिलसिला जारी है।
का प्रिय विषय रहा है। स्वंतत्रता-संग्राम से लेकर देश के स्वतंत्र होने के बाद भी आज तक देश और गणतंत्र को विषय बनाती हुई कविताएँ रचने का सिलसिला जारी है।
आखी दुनिया री निजरां आं दिनां ईरान अर अमरीका रै बीचाळै चालतै जुद्ध माथै है। कुण किणरा कितरा मिनख मार्या, अखबार अर टीवी रा अै सबसूं महताऊ समाचार बण्योड़ा है। इणी बगत अेक खबर आ है कै जैसलमेर रै अेक छोटै’क गांव दबड़ी रा रैवासी सूफी कलाकार सावण खान नीं