देश पर दूहा

देश और देश-प्रेम कवियों

का प्रिय विषय रहा है। स्वंतत्रता-संग्राम से लेकर देश के स्वतंत्र होने के बाद भी आज तक देश और गणतंत्र को विषय बनाती हुई कविताएँ रचने का सिलसिला जारी है।

दूहा8

दुर्गादास री छिब

केसरी सिंह सौदा

शहीद-पचीसी

मदनसिंह राठौड़

नह पड़ोस कायर नरां

सूर्यमल्ल मीसण

व्यंग-बहत्तरी

मनोहर शर्मा

जन्मभूम जे जोय

केसरीसिंह बारहठ

दुर्गादास रो देश हित

केसरी सिंह सौदा

दशरथ सुत लांघ्यो समंद

केसरीसिंह बारहठ

हंसा ने सरवर घणा

कवि लब्धोदय