देश पर डिंगल गीत

देश और देश-प्रेम कवियों

का प्रिय विषय रहा है। स्वंतत्रता-संग्राम से लेकर देश के स्वतंत्र होने के बाद भी आज तक देश और गणतंत्र को विषय बनाती हुई कविताएँ रचने का सिलसिला जारी है।

डिंगल गीत1

आयो इंगरेज मुलक रै ऊपर

बांकीदास आशिया