बादळ पर कवित्त

मेघ या बादल हमेशा से

मानव-मन को कल्पनाओं की उड़ान देते रहे हैं और काव्य में उनके विविध रूपों और भूमिकाओं का वर्णन होता रहा है। इस चयन में शामिल है—बादल विषयक कविताओं का संकलन।

कवित्त2

उमटी घनघोर घटा मन की

जिनहर्ष मुनि ‘जसराज’