बखत जावसी बीत, जासी बात न जगत सूं।
गासी दुनिया गीत, चोखा भूंडा, चकरिया॥
भावार्थ:- हे चकरिया, समय बीत जाएगा, परंतु तुम्हारी (किए गए कर्मों की) बात संसार से नहीं जाएगी (क़ायम रहेगी) । (तुम्हारे जाने के पश्चात्) तुम्हारे अच्छे-बुरे कर्मों के अच्छे-बुरे गीत यह दुनिया गाएगी (अतः सत्कर्म कर) ।