विजयदान देथा 1926-2013 jodhpur जगचावा साहित्यकार। साहित्य अकादमी सूं सम्मानित। ‘बिज्जी’ उपनाम सूं साहित्य जगत में ओळखाण।
लेख10 ऊजळी की विरह-वेदना का मर्म वायु बरसात और बादल विषय-वस्तु और भाषा शिल्प की भाषा सौंदर्यबोध की समस्या
उद्धरण27 “आपरौ नफौ-नुकसांण सोचण री थां लोगां में समझ व्हैती तौ इण भांत फोड़ा ई क्यूं भुगतता?” ”पढ़ो मण भर, लिखो कण भर।” ”गिरस्तियां नै समझावण रौ जिम्मौ तौ संतां रौ है, बापड़ा गिरस्ती संतां नै कांईं समझावै!“ “धन री फटकार सब सूं खोटी व्है।” “मां रा जीव नै सौ धया है। पल-पल में बदळै।”
जेठानंद पंवार श्यामसुंदर भारती उषाकंवर राठौड़ भूपतिराम साकरिया स्वामी खुसाल नाथ शक्तिदान कविया रेवंत दान बारहठ लालदास 'राकेश'