रामदास जी 1727-1798 Marwar रामस्नेही संप्रदाय री खैड़ापा शाखा रा संस्थापक अर सिरै भगत कवि। ज्ञान गरीमा, चेतावणी रा पद अर साखियां रा रचैता।
पद7 नाम महातम कहा कहूं भुरकी ले जन प्यारा रे भीड़ पड़ी जब साध में सारे सब काजा मिले पिव पूरबले भाग राम सिंवर रे प्राणियां
चौपाई5 मेरा पूता ध्रू प्रहलादा अमर लोक सूं अहधी आया परथम हम मुख सेती लीया राम -नाम निज पथ हलाये हीणी देह शुद्ध घर माही