रामदास जी 1727-1798 Marwar रामस्नेही संप्रदाय री खैड़ापा शाखा रा संस्थापक अर सिरै भगत कवि। ज्ञान गरीमा, चेतावणी रा पद अर साखियां रा रचैता।
अथ हैरान को अंग अथ अपारख को अंग अथ भेख को अंग अथ दया निरवैरता को अंग अथ कुसंगत को अंग अथ लांबा मारग को अंग अथ लिव को अंग अथ तन-मन माला को अंग पीव परचा को अंग