डिंगल गीत13 अठी राम रा सुभड़ नैं सुभड़ रावण उठी अवनी में जिके भलांई आया छके जोम सूं जाय जमराण सा बन बैठो भलां चढ़ो गिर-बदरी बसू मांस कादम मचो