भलां री भूख, चोरां रो चूरमो, करतार री चूक

सुधारां क्यांण, कोई ठौड़ कोनी।

मां री आशीष, बाप रो करजो, लुगाई री सेवा,

उतारां क्यांण, कोई ठौड़ कोनी।

मन रा राम, घर रो काम, उधारी रा दाम

भूलस्यां क्यांण, कोई ठौड़ कोनी।

मनां रो बैम, शक्कर रो रोग, ब्याव रो चाव

सोरो जावै क्यांण, कोई ठौड़ कोनी।

नेता री डकार, पुलिसिया फटकार, चटौरां री चटकार

डटणो दोरो, कोई ठौड़ कोनी।

भंगेड़ी री भांग, टाबरां री मांग, हाकम रो सांग

पूरो होणो आकरो, कोई ठौड़ कोनी।

दम बातां में, अक्ल माथां में, सत हाथा में कोनी

बार घालसी, कायस करसी, कोई ठोड़ कोणी।

कपट भर्‌यो हिवड़ा में, लोभ साथ माथां में

जेल जास्सी पक्को, कोई ठौड़ कोनी।

फिकर मायतां री, लालच व्यापारी री, जिद्द किसान री,

धरां माथै रैस्सी, कोई ठौड़ कोनी।

खरा खोटा, चालू अर पिछला करम, दान-पुण्य, दया-धरम,

रंग जरूर दिखासी इण जलम में, कोई ठौड़ कोनी।

चोरी रो धन्धो, मिनखां रो स्वभाव, कुत्ता री जात, नशा री लत,

जासी मरण सूं और कोई ठौड़ कोनी।

मौत-मांदगी, बुढापो, भूख-प्यास, दुख-सुख रो अैहसास,

झेलणो पड़ै मिनखां नै और कोई ठौड़ कोनी।

राजा-रंक, दुष्ट-फकीर, पापी-धर्मात्मा सब समान

मौत सूं नहीं बचा सकै भगवान, कोई ठौड़ कोनी।

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : शीन काफ़ पारीक ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशन पिलानी (राजस्थान) ,
  • संस्करण : अंक-28
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