महल सूँ ऊपर न्ह उडतौ रे
सुआ तू ऊंचौ न्ह उडतौ
राजा और मंतरी की
आंखन मं न्ह गड़तौ।
सुआ तू मीठौ न्ह गातौ रे
सुआ तू मीठौ न्ह गातौ
तेरौ नहीं ओ पींजरौ बणतौ
यार तू न्हयाई सुख सूँ रहतौ।
सुआ तू बनफल न्ह खातौ रे
सुआ तू बनफल न्ह खातौ
तेरौ कांई घटतौ ओ मेरा यार
चार दिन भूखोइ रह जातौ।
सुआ तू रीत-रीत चलतौ रे
सुआ तू रीत-रीत चलतौ
राजा की ओ अेक बार
लगातौ जयकार
शास्त्र तोकू नहीं पढणौ पड़तौ।
चल्यौ मेरो यार गगनचारी रे
चल्यौ मेरो गगनचारी
याकू पाँवन-पाँखन बाँध ले चले
दो जन सरकारी।