भागो! भागो!
लाय! लाय!
लाय लागगी!
झुळस रैयी है राजी हो-हो
हुळस रैयी है
लाल-लाल लपटां री लप लप
लील्यां जाय रैयी है सोकीं
लाय बुझाओ!
पाणी ल्याओ!
पाणी नाखो!
लाय बुझाओ!
आवो-आवो!
पण थे परै-परै ऊभा हो?
हंस रैया हो
थे ई लाय लगाई
जद ई परै-परै ऊभा हो?
पुन रो पाणी
जिणसूं लाय बुझै आ पापण
थारा पाप-पळीता
बाळै, सूखा-आला
जिणरै खातर
पुन रो पाणी
मैं नाखूं कितरो,
अेकलियो हूं
करूं किस्यो मैं किस्यो उपाय
हाय!
मैं हूं अणसाय।