थांनै कुण-कुण का पग पकड़्या
कुण-कुणका जोड़्या हाथ
म्हांसू छानी छै कै
थांनै कुण-कुणका घर फोड़्या
कुण-कुणका घर मं म्हैली आग
कसी-कसी तुक तान भिड़ाई
अड़ाया मोहरा कस्या-कस्या
कुण ढांक्या कुण खुल्ला छोड़्या
म्हांसू छानी छै कै
उडरी छी फटकार ज्यां दिनां
भंडारा रो रह्या छा
जीपां फिर री छी
डट्टा खुल रह्या छा
नन्द्यां बह’री छी
लोग गड़क रह्या छा
बरस रह्या छा नोट च्यारूंमेर
कुणसूं छानी छै
क कुण तो दातारी छो कुण भण्डारी
यूं तो बातां और घणी छै
पण रहबाद्यो कांई तंत छै
यां बातां मं
पण या मत क्हो क म्हाने तोल कोई’न
क म्हांसू छानी छै।