अंधारी खंदकां सीलन भरियोड़ी

अधलिखिया चिट्ठियां रा पानड़ा

अर बेलीड़ां री कब्रां माथै

पांखड़ियां मैदानी फूलां री

अर

बन्दूकां री सलामियां विदा री

अर

ओळूं उणां री

हाय रे,

सैनिक रौ सपनौ!

सैनिक रौ सपनौ!

स्रोत
  • पोथी : रसूल अमजातोव अर विदेसी कवितावां ,
  • सिरजक : सुयुन बाई एरालीयेव ,
  • प्रकाशक : रॉयल पब्लिकेशन, जोधपुर ,
  • संस्करण : प्रथम संस्करण
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