ईसड़ा पूरबळा कर्म था, मैं बामण घर ही जलमियो।
टाबर थो जद माइत मार्या, पर री परबस्ती में रयो।
दुख कैयां होवै कूंतणो।
घणो दोरो चूलो फूंकणो।
बाण्यां रो हुयो रसोईयो, चूलै स्यूं माथो मारणो।
म्हाराज कुहायो लोक में, ईसो रैयो बड़पण धारणो।
चूलै स्यूं पेटू होवणो,
घणो दोरो चूलो फूंकणो।
आंख्यां फूटै फूं फूं करे, माथो भी सूनो ही बणै।
जद खाळ पसीने रा बेवै, गंगाजी रो न्हाणो बणै।
तपस्या करईसो न्हावणो।
घणो दोरो चूलो फूंकणो।