थे कितणा भी चीखो
चिल्लाओ
दहाड़ मारो
क्यूं ही आणा-जाणी कोनी
अगर थारी बातां में
दम है, लोच है
जरा सी भी ताकत है
तो थे भूचाळ ल्या सको
नहीं तो क्यूं ही होणा-जाणी कोनी
क्यूंकै खेतां में बिरखा आवै
जणा ही नाज निपजै
बाढ आण सूं नाज
कोनी निपज्या करै है...
अब सोच तो
थारी ही काम आसी।