वै लोग म्हारी झूंपड़ी बाळ दी है।
अजाण्या कोनी हा वै लोग,
अर नीं पुलिस रा सिपाई
वै सरकार रा भेज्योड़ा पाड़ोसी हा।
क्यूं नीं कैवूं म्हैं वांनै मित्र?
वै म्हांरा मित्र किंयां कोनी!
अेक इज नाळा माथै दोनूं गांव पाणी भरै
म्हैं वांरी मौत माथै सोग मनावां
वै म्हांरा ब्यावां री जीमणवार में भेळा हुवै।
पछै वै म्हारी झूंपड़ी क्यूं बाळ दी?
पूरौ छपरौ लाय पकड़ली है
पड़तोड़ी छत री बल्लियां
चाय रा सगळा कप तोड़ दिया।
मेजां अर कुरस्यां बळगी है
अेक कामळ में दबक्योड़ो
म्हैं बारै बैठौ हूं
अर म्हारी झूंपड़ी बळ रैयी है।