बादळ, बिजळी, तारा, खुशबू मैताब अै बिटिया में

प्रश्न, उत्तर सुपना सारा, ख्वाब अैं बिटिया में।

राम रच्योड़ी अै सिरस्टी रै, कठिन कड़ै सवालां रा।

स्नेह भरी आंख्यां नै मिलज्या, जवाब अै बिटियां में।

आशा, सरधा, चंचलता, बचपन, मस्ती बदमाशी।

प्रेम’र इच्छा समाया है, बेहिसाब अैं बिटिया में।

अक्षत, चन्दन, दुर्वा, रोळी और पूजा की थाळी-सी

किरणां, ज्योति, उजियाळो आफताब अैं बिटिया में।

गीता, बाइबल, कुरान, रामायण, तालमुद अर ग्रन्थ साहिब

गूंथ्योड़ी-सी मिलज्या है, हर किताब अैं बिटिया में।

चुस्ती, फुर्ती, लगन, उमंगा, उम्मीदां और दुश्वारी

कुदरत सारा जमा कर्‌या लाजवाब अैं बिटिया में।

दीप नन्दनी अैं लड़की री, के चिरचा के तारीफां

समझदारियां और नादानी, जनाब अैं बिटिया में।

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : प्रदीप शर्मा ‘दीप’ ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशन पिलानी (राजस्थान) ,
  • संस्करण : अंक-31
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