बधै जद
अणमाप अत्याचार
मतलबियां रो मान
स्वार्थियां रो सांग
चालै रांग रा भाटा
धुड़ै कीरत रा कमठांण
लोपीजै काण कायदा
लूंठी सास्वत लीकां।
सत री अणदेखी
असत रो बोल बालो
धरम री धुरपट
राजरीतिरी रुळपट
माचै मन जाण्या मेळा
खुरड़पगा खेलै खुरापाती खेला
अणूतौ फेलै अविस्वास
नीति रो हूवै सरबनाश।
जद फूटै
क्रांति री कूंपळ
काळ री छिबकाळी
संकट री सिलावां तोड़
धरती रै कंवळै हियैरी पीड़
डकरेल डीगा डूंगरा नै तोड़
चूर-चूर कर सिरजै सिरजण
जद मिळै जगत नै नुंवौ जीवण।