बेल म्हूं

थारी सांसां री सौरम

पांगरूं...

भरूं फूलां

थारै कंवळै परस,

फळ लागै म्हारै

थारै

हेत रा।

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : सन्तोष मायामोहन ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशक पिलानी (राज.) ,
  • संस्करण : 26
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