नदी झील सागर रा किस्सा

भूख भजन घर-घर रा किस्सा

सुविधा शुल्क सिफारिश दोनूं

है दफतर-दफतर रा किस्सा

हंसी ठिठोली छेड़छाड़ है

हर भाभी देवर रा किस्सा

हर उपवन में मिल्या एकसा

फूल अर भ्रमर रा किस्सा

सफर खतम हो ज्यावै पण

रैवै याद सफर रा किस्सा

हर मां का मन पर छपर्‌या है

पति अर पुतर रा किस्सा

भूल ग्यो है देस पुराणा

रूई सूत खद्दर रा किस्सा

जदै-जदै धरती पर आवै

बूंद-बूंद अम्बर रा किस्सा

बाहर का तो है दिखावटी

असली है अंदर रा किस्सा

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : कुंदन सिंह सजल ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशन पिलानी (राजस्थान) ,
  • संस्करण : अंक-34
जुड़्योड़ा विसै