निरभै गोधा खेत चरै छै

सूड़ करणिया भूख मरै छै

केवट रै सै अेक सरीसा

ले उतराई पार करै छै

जग रोबोट रिमोट नेट रो

मिनख बिना काम सरै छै

पग-पग दुर्योधन दुस्सासण

भली प्रजा रो चीर हरै छै

पेट इणा रो मोटो पाचक

आछो भूंडो सैंग जरै छै

इण मौसम रो कठै भरोसो

मूंड मुंडातांई गड़ा पड़ै छै

नीचै ऊपर आसै-पासै

सगळा अपणी जेब भरै छै

नेताजी री कर्‌यां चाकरी

भांत-भांत रा विघन टळै छै

फूंक-फूंक पग राख्यो आगै

होम करां पण हाथ बळै छै

म्हारी पीड़ा म्हारी साथण

सुख रा साथी परै-परै छै

बिछड़्यां दाह दहै मन ‘स्वामी’

मीत मिळै जद हियो ठरै छै।

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : शंकरलाल स्वामी ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशन पिलानी (राजस्थान) ,
  • संस्करण : अंक-28
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