होबा द्यौ सरकार ऊजाळौ होबा दयौ

अब पल्लौ सरका’र उजाळौ होबा द्यौ

थां छौ म्हां छां अर या रात अंधेरी छै

अब जीबौ धरकार उजाळौ होबा द्यौ

सावण लाग्यौ बादळियां आबा लागी

काजळ सुरमौ सार उजाळौ होबा द्यौ

थां बोलौ मन की मरवण और करूं

कतना दन मनवार उजाळौ होबा द्यौ

भोळी-भाळी आंख्यां सूं क्यूं पाळौ छै

बैर्‌यां हाळी ब्वार उजाळौ होबा द्यौ

स्रोत
  • पोथी : माणक (पारिवारिक राजस्थानी मासिक) ,
  • सिरजक : प्रेमजी प्रेम ,
  • संपादक : पदम मेहता ,
  • प्रकाशक : माणक प्रकाशन ,
  • संस्करण : अगस्त 1986
जुड़्योड़ा विसै