टैम बड़ो माड़ो है बुरो मत मान जो।
आदमी उघाड़ो है बुरो मत मान जो।
कोरी पाटी लेय नै जावै पाछी कोरी ही ले आवै।
पट्टी है नीं पहाड़ो है बुरो मत मान जो।
तोड़-भांग करै टाबर सुरसति रै मिंदरां में।
नाथू जी रो बाड़ो है बुरो मत मान जो।
फूट ग्यो चौरावै माथै तो थे क्यूं गरळावो।
ओ सीर रो हांडो है बुरो मत मान जो।
खांडै री धार माथै चालणो ले सीख ‘अरविंद’।
ओ कूवो, ओ खाडो है, बुरो मत मान जो।