ओ शरद पूनम को चाँद

आज उग आयो आज उग आयो

ओ शरद पूनम को चाँद...

बीती बीती जी अंधेरी रात

चान्दणी ल्याओ, चान्दणी ल्यायो।

ओ शरद पूनम को चाँद...

आ चांद भरणी रात

चमकतो आयो-चमकतो आयो

तारा की चढ़ी बरात

साथ ले आयो।

ओ शरद पूनम को चाँद...

ओ कर सोलै सिणगार

मनै भरमायो, मनै भरमायो

मैं भूल गई आ रात

ओ लागै दिन आयो।

ओ शरद पूनम को चाँद...

ओ डूंगर चारूं मेर

चमकबा लाग्यो चमकबा लाग्यो

पाणी में चमकतो चांद

थिरकबा लाग्यो।

ओ शरद पूनम को चाँद...

कटी कटी जी विरह की रात

उंमग भर ल्यायो उमंग भर ल्यायो

आशा का मन में निवास

आज बस आयो।

ओ शरद पूनम को चाँद....

स्रोत
  • पोथी : राजस्थानी गीत ,
  • सिरजक : आशा रानी लखोटिया ,
  • प्रकाशक : आशा पब्लिशिंग हाउस
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