पाणी पर सबद

पानी या जल जीवन के अस्तित्व

से जुड़ा द्रव है। यह पाँच मूल तत्त्वों में से एक है। प्रस्तुत चयन में संकलित कविताओं में जल के विभिन्न भावों की प्रमुखता से अभिव्यक्ति हुई है।

सबद2

पनिया भरन कैसे जावुं

परमहंस स्वामी ब्रह्मानन्द

री गुजरिया पानिया भरन मत जा

परमहंस स्वामी ब्रह्मानन्द