युद्ध पर दूहा

युद्ध संघर्ष की चरम

स्थिति है जो एक शांतिहीन अवस्था का संकेत देती है। युद्ध और शांति का लोक, राज और समाज पर प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ता है। प्रस्तुत चयन में युद्ध और शांति और विभिन्न प्रसंगों में उनके रूपकों के साथ अभिव्यक्त कविताओं का संकलन किया गया है।

दूहा17

दुर्गादास री छिब

केसरी सिंह सौदा

वाजै इसै विनाणि खग

जग्गा खिड़िया

लड़ै पड़ै अणपार

जग्गा खिड़िया

अेकणि चोट अताग

जग्गा खिड़िया

छिळतै मछरि छडाळ

जग्गा खिड़िया

ढाळां सिरि धाराळ

जग्गा खिड़िया

झीक अणी खग झाट

जग्गा खिड़िया

जूटा सह को जोध

जग्गा खिड़िया

जागि प्रळै रिण जंग

जग्गा खिड़िया

औरंग जसौ अगाहि

जग्गा खिड़िया

सुणतां हाको धव सखी !

सूर्यमल्ल मीसण

हइवर गइवर पाइदळ

शिवदास गाडण

पातळ घड़ पतसाह री

पृथ्वीराज राठौड़

दक्खिण उतर देस

शिवदास गाडण

नर सुर दानव नाग

जग्गा खिड़िया