युद्ध पर छंदां

युद्ध संघर्ष की चरम

स्थिति है जो एक शांतिहीन अवस्था का संकेत देती है। युद्ध और शांति का लोक, राज और समाज पर प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ता है। प्रस्तुत चयन में युद्ध और शांति और विभिन्न प्रसंगों में उनके रूपकों के साथ अभिव्यक्त कविताओं का संकलन किया गया है।

छंद22

उठै भीम हरवळां

करणीदान कविया

छंद पादाकुलकम्

सूर्यमल्ल मीसण

इत दिल्लिय कनउज्ज उभय

सूर्यमल्ल मीसण

बथां भरै गळबाह

करणीदान कविया

तोवर तरनि अनंगपाल

सूर्यमल्ल मीसण

रजनि जाम खिल रहत बज्जि

सूर्यमल्ल मीसण

कोरोना सूं भारत री जंग

महेंद्रसिंह छायण

बहै घमक सावळां

करणीदान कविया

कमंध ये सुणी कथं

महेशदास राव

हकीमखां सूर

देवकर्ण सिंह

धकि तोपन घमचक्क

सूर्यमल्ल मीसण

जाडां थंडां जियार

करणीदान कविया

सेल जड़ै स्रीहथां

करणीदान कविया

झमकि सोम असि झरत

सूर्यमल्ल मीसण