ग़रीबी पर गीत

ग़रीबी बुनियादी आवश्यकताओं

के अभाव की स्थिति है। कविता जब भी मानव मात्र के पक्ष में खड़ी होगी, उसकी बुनियादी आवश्यकताएँ और आकांक्षाएँ हमेशा कविता के केंद्र में होंगी। प्रस्तुत है ग़रीब और ग़रीबी पर संवाद रचती कविताओं का यह चयन।

गीत9

गरियाळो

मुकुट मणिराज

भू-दान

मेघराज मुकुल

दिवाळी अै के थांरा काम

नानूराम संस्कर्ता

धरती रो हियो जगादे

मेघराज मुकुल

राम राज है कठै?

कल्याणसिंह राजावत

तिरंगा अब तूं हेटै देख

किशोर कल्पनाकान्त

रामल्यो

मुकुट मणिराज

मरसिया गीत

नानूराम संस्कर्ता