बचणौ मुश्किल बात, जग री मोहा जाळ सूं।
मुनि जन खाई मात, चाल चूक कर, चकरिया॥
भावार्थ:- हे चकरिया, जगत् के मोह रूपी जाल से बचना (अछूता रहना) बहुत ही कठिन कार्य है। (त्यागी-तपस्वी) सिद्ध-मुनि भी (मोह-पाश में बाँधकर) सन्मार्ग छोड़कर मात खा गए (हार गए) ।