लोकगीत250 अैड़ा म्हैं काम किया आ तौ कुणसा के मांडी गणगौर आ तौ गौर किस्या बाई की कहीजै ओ राज आखा तीज गीत आसाढ गीत (हाळी गीत)
कैवत87 आं तिला में तेल कोनी आँख कान को च्यार आंगळ को फरक है आंख्यां सैं आंधो, नांव नैणसुख आंधा नै तो लाठी चाये आंधी आई ही कोनी
आडी22 कदै नहीं म्हैं खाऊं-पीवूं काची नारी कचकची छोटी सी मीमली देखी अेक अनोखी नारी मूंघी सूं मूंघी करी दिया घसकड़ा चार