ग़ज़ल13 आभै में घटावां कोई गा रह्यो गजल इण आस में जीणो पड़ै संसार बदळसी इब भेळा परिवार कठै है जीवण मांय पड़ाव मोकळा बची-खुची पूंजी भी इब तो छीजण लागी