समयसुंदर
समयसुंदर जूनैकाल रा कवि अर जैन धरमाचार्य।
समयसुंदर जूनैकाल रा कवि अर जैन धरमाचार्य।
अम्हे बनवासइ नीसरयारे
आया आकास मारगइ
अयोध्या राम पधारिया
बांध्या मोती झुंबखा
बेणी सोहइ लांबी
भूख तृषा सहिवी तिहांरे
घरि घरि गूडी ऊछळइ
हिव दिन सोळा गये हुंते
इम सुणि रांवण कोपियो जीहो
इंद्रजित लखमण सुं अड़्यो जीहो
केसर रइ गारइ करी
नकवेसर तिहां लहकइ
नयनकमल अणियाळा
राखड़ी सोहइ माथइ
राम देसउटइ जाय
लखमण राम बेऊ मिली रे
रांम रांवण रण मांडियो जीहो
सीता कहइ प्रीतम सुणउ रे