ग़ज़ल10 गाँव गळी री साख पीपळी दिन में रात स्होवणां सपना पाणी आडी पाळ खेजड़ी मतलब री मनवार आदमी होसी पूरी आस भायला
भैरूलाल गर्ग झूमरलाल वर्मा हरीश सुवासिया निशा आर्य घनश्याम लाल रांकावत भंवर कसाना प्रमेश्वर प्रसाद कुमावत लक्ष्मणदान कविया