मतलब री मनवार आदमी

करे अणूतो प्यार आदमी

दुबळां सूं मूंडे नीं बोले

जबरां री जयकार आदमी

देखण में है साव अकेलो

पण पूरो परिवार आदमी

जीत जगत में नहचै पावे

हिम्मत री हुंकार आदमी

अपणायत सूं अपणां आगै

हरदम ज्यावे हार आदमी

भायां जायां भेळै बैठे

हेत तणूं हकदार आदमी

ठोड़-ठोड़ है भीड़ भतेरी

पण बां में दो चार आदमी

रंग रास रे संग मनावे

होळी रो तिंवार आदमी

स्रोत
  • सिरजक : गोकुलदान खिड़िया ,
  • प्रकाशक : कवि रै हाथां चुणियोड़ी