गिरधरदान रतनू दासोड़ी जलम: 1970 bikaner सिरैनांव कवि-संपादक। डिंगल रै सिरमौर अर अलक्षित कवियां माथै विशेष काम।
बखत आयग्यो भाई! भाई! आसरो चीरहरण डांग अर डोको कविता करणी ई व्है तो करजो माफ करजै! ओळभो थथूंबा ई आवै है निगै