ऊग्याई है भासा थांरा होठां माथै

साथै-साथै, ऊग्याई थांरा हाथां में अेक सांकळ

खींचो! आखै जगत नै उणसूं आपरै कांनी खींचो

नींतर थे खुद परबस खिंच लिया जावोला!

स्रोत
  • पोथी : अपरंच अक्टूबर-दिंसबर 2015 ,
  • सिरजक : ह्यूगो वान हाफ़मान्स्थल ,
  • संपादक : पारस अरोड़ा ,
  • प्रकाशक : अपरंच प्रकासण
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